CG News : छत्तीसगढ़, BJP जिलाध्यक्ष के बेटे ने की मारपीट, राजनीतिक पहुँच का दिया हवाला
CG News : छत्तीसगढ़ के भिलाई में बीजेपी जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन एक गंभीर विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे वैभव देवांगन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने के लिए पीड़ित पक्ष को धमकी दी। इस संबंध में एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हो रही है, जिसमें पुरुषोत्तम खुद को “रूलिंग पार्टी का जिलाध्यक्ष” बताते हुए मामले को दबाने का प्रयास करते सुने जा सकते हैं।
जानिए पूरा मामला
मामला 7 अप्रैल को भिलाई के कुरुद कोहका रोड स्थित रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज (आर-1) के वार्षिक फेस्ट ‘व्योम’ के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है, जहां कॉलेज छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इस घटना में बीजेपी जिलाध्यक्ष का बेटा वैभव भी शामिल था, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर न सिर्फ छात्रों से मारपीट की, बल्कि उनकी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।
पीड़ित ऋषि कादयान की शिकायत पर जामुल पुलिस ने वैभव और उसके दोस्त सोमू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। लेकिन इसके बाद पुरुषोत्तम देवांगन ने पुलिस पर दबाव बनाते हुए पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी काउंटर केस दर्ज करवाया, ताकि समझौता कर मामला दबाया जा सके।
पीड़ित के परिजन पर बनाया दबाव
जब पीड़ित पक्ष समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ और मीडिया में जाकर अपनी बात रखी, तो पुरुषोत्तम देवांगन नाराज हो गए और पीड़ित के एक परिजन को फोन कर दबाव बनाने की कोशिश की। वायरल ऑडियो में वे कहते सुने जा सकते हैं कि “मैं रूलिंग पार्टी का अध्यक्ष हूं, बार-बार मीडिया का फोन आ रहा है, ये कोई तरीका है बात बढ़ाने का?”
हालांकि, इस मामले पर जब पुरुषोत्तम देवांगन से मीडिया ने संपर्क किया तो उन्होंने खुद को इस ऑडियो से अनजान बताया और कहा कि अगर ऑडियो वायरल हो रहा है तो वह उसकी जांच करवाएंगे। उनका यह भी कहना है कि यदि वह अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते, तो उनके बेटे के खिलाफ एफआईआर ही नहीं होती।
राजनितिक पहुँच का दिया हवाला
दरअसल, पूरा विवाद कॉलेज फेस्ट के दौरान शुरू हुआ था, जब छात्र ऋषि कादयान का एक छात्रा से विवाद हो गया। उस छात्रा ने यह बात वैभव देवांगन को बताई, जिसके बाद वैभव अपने साथियों के साथ ऋषि पर हमला करने पहुंच गया। मारपीट के दौरान उसने अपने पिता की राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए धमकी दी।
इस मारपीट में ऋषि को आंख, पीठ और हाथ में चोटें आईं। पीड़ित का कहना है कि वैभव ने एक पुलिस अधिकारी को फोन कर कहा था कि यदि ये लोग शिकायत करने आएं तो थाने में ही पकड़कर पीट देना।
विवाद यहीं नहीं रुका। अगले दिन भी कॉलेज में एक अन्य विवाद हुआ, जिसमें एक नाइजीरियन छात्र के साथ मारपीट की गई। देर रात तक माहौल तनावपूर्ण रहा और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय के मुताबिक, दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है। यह मामला न केवल छात्र हिंसा का उदाहरण है, बल्कि राजनीतिक दबाव के दुरुपयोग और कानून व्यवस्था की चुनौतियों को भी उजागर करता है।