Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल जल्द, 18 जिलों के SP और 3 IG के बदले जा सकते हैं प्रभार
Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी हो रही है। सरकार ने 8 अप्रैल से शुरू होने वाले सुशासन तिहार से पहले SP और IG स्तर के अफसरों के तबादले का ऐलान करने का मन बना लिया है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है—काम करने वाले अफसरों को फील्ड में भेजना और भ्रष्टाचार या अनियमितताओं में लिप्त अफसरों को प्रशासनिक स्तर पर निष्क्रिय करना।
IG स्तर पर भी बदलाव के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, 18 जिलों के SP और तीन IG के तबादले की संभावना जताई जा रही है। इनमें से कुछ प्रमुख जिले जैसे धमतरी, नारायणपुर, खैरागढ़, बेमेतरा, सुकमा, बस्तर, कांकेर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद, मुंगेली, सक्ती, जांजगीर-चांपा, कोरबा, और महासमुंद शामिल हैं। विशेष रूप से धमतरी और नारायणपुर के SP सेंट्रल डेपुटेशन पर जा सकते हैं, और इन स्थानों पर नए अफसरों की तैनाती की संभावना है। इसके अलावा, चर्चा है कि 2020 बैच के चार युवा IPS अफसरों को पहली बार SP के तौर पर पोस्टिंग दी जा सकती है।
IG स्तर पर भी बड़े बदलाव की संभावना है। रायपुर, सरगुजा और बिलासपुर रेंज के IG के प्रभार में फेरबदल किया जा सकता है। रायपुर रेंज के IG को हटाने की चर्चा है, क्योंकि उनके पास पहले से EOW-ACB जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। वहीं, सरगुजा रेंज के IG को पुलिस मुख्यालय (PHQ) लाने की संभावना जताई जा रही है।
भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय में भी बदलाव की योजना है, जहां कुछ सीनियर अफसर निष्क्रिय माने जा रहे हैं। सरकार पूर्व DGP के समय की पोस्टिंग व्यवस्था को पुनः समीक्षा करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, फील्ड में सक्रिय और नतीजे देने वाले अफसरों को प्रशासनिक पदों पर तैनात किया जा सकता है।
सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों पर कार्रवाई की योजना बनाई है। सरकार के पास जुआ, सट्टा, अवैध शराब और जमीन दलाली में लिप्त अधिकारियों की पूरी रिपोर्ट मौजूद है। ऐसे अफसरों को लूपलाइन में पोस्ट किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहले ही चेतावनी दी थी कि “ला एंड ऑर्डर की स्थिति खराब होने पर SP सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे।”
सरकार की योजना: “काम करने दो, डर में नहीं”
सरकार का यह कदम प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार की योजना है कि ट्रांसफर के बाद कम से कम दो साल तक कोई फेरबदल न किया जाए, जब तक कि कोई गंभीर शिकायत सामने न आए। इससे अफसरों को काम करने के लिए समय मिलेगा, और उनका कार्य प्रभावित नहीं होगा, जैसा कि पूर्ववर्ती सरकारों में तबादलों की जल्दबाज़ी के कारण होता था।
यह संभावित फेरबदल छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में जवाबदेही, पारदर्शिता और फील्ड परफॉर्मेंस को प्राथमिकता देने की सरकारी नीति को दर्शाता है। अब यह देखना होगा कि इस बदलाव के बाद किन अफसरों को मौके मिलते हैं और कौन पीछे रह जाता है।