जीवन ठाकुर संदिग्ध मौत बस्तर मामले में बस्तर संभाग बंद रहा। कांग्रेस नेता की रहस्यमय मौत पर समाज ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। आज भूपेश बघेल परिवार से मिलकर न्याय की मांग पर चर्चा करेंगे।
पूर्व CM भूपेश बघेल आज परिवार से करेंगे मुलाकात; समाज ने जताई राजनीतिक साजिश की आशंका
कांकेर जिले के आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष और कांग्रेस से जुड़े रहे जीवन ठाकुर की संदिग्ध मृत्यु के विरोध में सोमवार को पूरा बस्तर संभाग बंद रहा।
9 दिसंबर को सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग द्वारा की गई बंद की घोषणा को सभी क्षेत्रों में व्यापक समर्थन मिला।
रैली निकालकर दुकानों को कराया गया बंद
आदिवासी समाज के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर शांतिपूर्ण मार्च निकाला और व्यापारी समुदाय से सहयोग की अपील की, जिसके बाद अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे।
कांग्रेस ने भी अपने पूर्व नेता की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत का मुद्दा उठाते हुए बंद के समर्थन की घोषणा की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज कांकेर पहुंचकर जीवन ठाकुर के परिवारजनों से मुलाकात करेंगे।

समाज का आरोप – मौत के पीछे है गंभीर लापरवाही और राजनीतिक दवाब
समाज का कहना है कि जीवन ठाकुर की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई।
उनके अनुसार:
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जेल में रहते हुए उनकी हालत को ठीक से नहीं देखा गया
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आवश्यक उपचार और सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई
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लगातार सामाजिक मुद्दों को उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया
इसी वजह से पूरे क्षेत्र में नाराजगी फैली हुई है।
भूपेश बघेल आज मायना गांव में परिवार से मिलेंगे
स्थानीय नेताओं और समाज के लोगों का मानना है कि जीवन ठाकुर हमेशा इलाके के हितों के लिए सक्रिय रहे।
उनकी अचानक मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी और चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
बघेल आज मायना गांव जाकर परिवार को ढांढस बंधाएंगे।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दिलाया भरोसा
8 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज चारामा पहुंचे और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
इसके बाद वे मायना गांव में जीवन ठाकुर के घर जाकर परिजनों से मिले और पूरे मामले के संबंध में जानकारी ली।
बैज ने आश्वासन दिया कि—
“परिवार को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।”
सच्चाई सामने आने तक आंदोलन जारी रहेगा
आदिवासी समाज ने साफ कहा है कि जब तक:
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घटना की वास्तविक वजह सामने नहीं आती
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जांच पूरी पारदर्शिता से नहीं होती
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और परिवार को न्याय नहीं मिलता
तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
समाज ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीक़े से जुड़कर इस मांग को मजबूत करने की अपील की है।