Chhattisgarh News : ऑनलाइन बेटिंग पर न्यायपालिका का सख्त रुख
Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स (सट्टा) को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा:”अब लोग मेहनत से नहीं, शॉर्टकट से पैसा कमाना चाहते हैं – जो समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए खतरनाक है।”
‘महादेव ऐप’ के बाद कितनों पर कार्रवाई? कोर्ट ने पूछा सवाल
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार, गृह विभाग और केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि: महादेव सट्टा ऐप के बाद कितने ऐप्स पर कार्रवाई हुई है?कितने ऐप्स और वेबसाइट्स को प्रतिबंधित किया गया है? किन-किन सक्रिय सट्टा ऐप्स पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई?
स्थायी निगरानी तंत्र की मांग
सभी सक्रिय सट्टा ऐप्स को चिह्नित कर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, विशेषकर IPL जैसे आयोजनों के दौरान इनके प्रचार-प्रसार पर विशेष नियंत्रण हो।
याचिकाकर्ता ने अदालत में विज्ञापनों से संबंधित दस्तावेज भी पेश किए, जिनमें IPL के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के प्रचार शामिल थे।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “वैध और अवैध के बीच की रेखा नहीं टूटनी चाहिए”
कोर्ट ने कहा:
“राज्य शासन का यह दायित्व है कि यदि किसी चीज़ की अनुमति दी गई है, तो यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उसका गलत उपयोग ना हो।”
मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में विज्ञापनों के झूठे दावों पर की गई सख्ती का हवाला देते हुए कहा कि राज्य को भी इस दिशा में सजग रहना होगा।
गृह विभाग से व्यक्तिगत शपथपत्र तलब
कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग सचिव को आदेश दिया है कि वे मामले में व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करें, जिसमें यह स्पष्ट हो कि:
अब तक कौन-कौन से ऐप्स और वेबसाइट्स को प्रतिबंधित किया गया है,किन प्लेटफॉर्म्स पर जांच जारी है,
सरकार द्वारा बनाए गए निगरानी तंत्र की स्थिति क्या है।
महाधिवक्ता का पक्ष: “कई सट्टा साइट्स और ऐप्स को ब्लॉक किया गया”
राज्य के महाधिवक्ता ने कोर्ट को सूचित किया कि:“राज्य शासन ने कई वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक किया है, जो लोगों को सट्टा लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यवाही अभी चल रही है।”