CG News: छत्तीसगढ़ में DGP नियुक्ति पर विवाद, UPSC ने मुख्य सचिव को भेजा कड़ा पत्र
CG News: छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य के मुख्य सचिव को कड़ा पत्र भेजकर पूछा है कि अब तक प्रदेश में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई, आयोग ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है.

UPSC ने मांगा स्पष्ट जवाब
आयोग के अवर सचिव दीपक शॉ द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना आयोग को नहीं भेजी है, जबकि UPSC ने 13 मई 2025 को योग्य अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेज दिया था, नियमों के अनुसार इसी पैनल में से किसी एक अधिकारी को तुरंत पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया जाना था.

प्रभारी DGP बनाए जाने पर उठा सवाल
राज्य सरकार ने पैनल के आधार पर अरुण देव गौतम को डीजीपी का पद तो दिया, लेकिन उन्हें पूर्णकालिक डीजीपी के बजाय प्रभारी डीजीपी का प्रभार सौंपा गया, इसी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि राज्यों में प्रभारी डीजीपी की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि डीजीपी की नियुक्ति तय प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए, वहीं 5 फरवरी 2026 को ‘टी धंगोपल राव बनाम UPSC’ की सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति में देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.
सरकार के सामने दो विकल्प
अगली सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ सरकार के सामने दो ही विकल्प हैं, या तो अरुण देव गौतम को पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया जाए, या फिर आयोग को ऐसा ठोस कारण बताया जाए जो अदालत को संतुष्ट कर सके, यदि ऐसा नहीं हुआ तो मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी हो सकती है.