Chhatisgarh News : इंद्रावती नदी में जल संकट गहराया, संसद में गूंजा बस्तर की आवाज
Chhatisgarh News : गर्मी की दस्तक के साथ ही बस्तर की जीवन रेखा मानी जाने वाली इंद्रावती नदी की धारा अब सूखने लगी है। इस गंभीर जल संकट की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है। क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने संसद में यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया और केंद्रीय जल मंत्री से समाधान की मांग की।
जल संकट गहराया :सांसद
सांसद महेश कश्यप ने संसद में बताया कि ओडिशा में स्थित जोरा नाले के डायवर्जन की वजह से जगदलपुर समेत आसपास के इलाकों में जल संकट गहरा गया है। हालात इतने खराब हैं कि फसलें सूख रही हैं और किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी नहीं मिल पा रहा। प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
सांसद ने संसद में स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा सरकारों के बीच आपसी समन्वय और ठोस समाधान की आवश्यकता है, ताकि जल समस्या का दीर्घकालिक हल निकाला जा सके।
किसानों को राहत मिलने की नई उम्मीद
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय जल मंत्री के निर्देश पर ओडिशा सरकार ने जोरा नाले के स्ट्रक्चर को ऊंचा किया था और नदी में जमा रेत को हटाने का कार्य भी प्रारंभ हुआ था। लेकिन इन उपायों से जुड़ी नई समस्याएं सामने आने लगीं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई।
अब सांसद द्वारा संसद में आवाज उठाने के बाद बस्तर के किसानों को राहत मिलने की नई उम्मीद जगी है। किसानों ने इस जल संकट से निपटने के लिए लंबे समय से संघर्ष किया है, और अब वे केंद्र सरकार से ठोस पहल की अपेक्षा कर रहे हैं।