CG News : छत्तीसगढ़ के नक्सल इलाकों में 4000 टावरों से तरक्की की राह होगी आसान
CG News : केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के उन इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी की नई इबारत लिखने जा रही है, जो अब तक दुर्गम और नक्सल प्रभावित माने जाते रहे हैं। ग्रामीण विकास और दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने रायपुर में एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इन क्षेत्रों में 4000 नए बीएसएनएल टॉवर लगाए जाएंगे।
कनेक्टिविटी के लिए मिलेगा सुरक्षा
सुरक्षा और वन विभाग की हरी झंडी का इंतज़ार: डॉ. शेखर ने बताया कि इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को ज़मीन पर उतारने के लिए बस सुरक्षा बलों और वन विभाग से ज़रूरी मंजूरियों का इंतज़ार है। जैसे ही ये मिलेंगी, टावरों की स्थापना का काम चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया जाएगा। रायपुर में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने ग्रामीण विकास, डाक, दूरसंचार विभाग और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस योजना पर गहन चर्चा की।
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ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन
बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं तेजी और प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं, जिस पर उन्हें संतोष है। इन योजनाओं की सफलता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये पहलें ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आवास में अभूतपूर्व बदलाव ला रही हैं, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।
विकास कार्यों और संचार सुविधाओं पर मंथन
डॉ. शेखर ने रविवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीण विकास, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन, आदिवासी अंचलों में संचार सुविधाओं को मजबूत करने और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को ज़मीनी हकीकत में बदलने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी विस्तृत ब्यौरा दिया।
नक्सल क्षेत्रों में घर पहुंच सेवा, डिजिटलीकरण
नक्सल क्षेत्रों में ‘घर पहुंच सेवा’ और डिजिटल शिक्षा: डॉ. शेखर ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्य मिशन मोड में हो रहे हैं, जहाँ घर-घर सेवाएँ पहुँचाने की रणनीति अपनाई जा रही है। विद्यालयों के डिजिटलीकरण से छात्रों को अब जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है, जो उच्च शिक्षा के द्वार खोल रहा है।
दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएँ भी दी जा रही हैं। यह पहल न सिर्फ संचार क्रांति लाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सेवाओं को बेहतर बनाकर इन क्षेत्रों में समग्र विकास को गति देगी।
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