CG News : मई में बारिश और ठंडी हवाओं ने तोड़ी तपती गर्मी की परंपरा
CG News : छत्तीसगढ़ में मई का महीना आमतौर पर भीषण गर्मी और झुलसाती लू के लिए जाना जाता है। अक्सर इस दौरान प्रदेश का अधिकतम तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लेकिन इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। महीने की शुरुआत से ही प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल रहा है, जिससे आमजन को जबरदस्त राहत मिली है।
बदली-बारिश ने रोकी गर्मी की रफ्तार
इस साल मई की शुरुआत से ही सूर्य बादलों की ओट में छुपा रहा। जैसे ही तापमान थोड़ा बढ़ता, पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी सिस्टम सक्रिय होकर वर्षा और बादलों के साथ तापमान को नीचे खींच लेते। गुरुवार को प्रदेशभर में जमकर बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से आठ से नौ डिग्री तक नीचे चला गया।
शुक्रवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 24 घंटे में तापमान में दो से तीन डिग्री की और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी में सामान्य से ज्यादा विचलन बना रहेगा।
रिकार्ड तापमान में बड़ी गिरावट
राजधानी रायपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9.8 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान भी 23.3 डिग्री रहा, जो औसत से 5.2 डिग्री नीचे है। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 9.4 डिग्री कम है। अंबिकापुर, पेंड्रारोड, दुर्ग, राजनांदगांव और जगदलपुर में भी तापमान सामान्य से 6 से 10 डिग्री तक कम रहा।
बारिश के आंकड़े
बीते 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई:
- भैरमगढ़ में 50 मिमी
- कुटरू, सुहेला में 40 मिमी
- मोहला, अहिवारा, बागबाहरा में 30 मिमी
- कवर्धा, बालोद, कोमाखान, खैरागढ़ सहित कई स्थानों में 20 मिमी
- रायपुर, भिलाई, डोंगरगांव, दरभा, पाली, कुकरेल सहित अन्य स्थानों पर 10 मिमी
- जगदलपुर में 24.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई
मई की परंपरा टूटी, लू नदारद
मई में सामान्यतः एक-दो बार लू चलती है और तापमान 44 डिग्री से ऊपर चला जाता है, लेकिन इस बार स्थिति उलट है। लगातार सक्रिय मौसमी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ ने गर्म हवाओं की संभावना को पूरी तरह से दबा दिया है। लोगों को दिन में भी ठंडी हवाएं और बादलों से ढकी धूप का सामना करना पड़ रहा है।
राहत के साथ चिंता भी
जहां एक ओर आम जनता को गर्मी से राहत मिली है, वहीं कृषि और मौसम विज्ञान विशेषज्ञ इस मौसमी बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं। सामान्य से कम तापमान और असमय बारिश से आगामी फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।