CG News: छत्तीसगढ़ में किसानों की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अन्नदाता गर्जना रैली, 3358 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी की मांग
CG News: छत्तीसगढ़ में धान बोनस के बकाया भुगतान और धान खरीदी की दर बढ़ाने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में रायपुर में अन्नदाता गर्जना रैली आयोजित करने के लिए किसान जुटे हैं, प्रदेशभर से किसानों के शामिल होने की बात कही गई है, किसान संघ ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर नया रायपुर स्थित महानदी भवन का घेराव करने का ऐलान किया है, आंदोलन के जरिए किसानों की उपज का उचित मूल्य, लंबित भुगतान और कृषि से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई जा रही है.

3358 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी और 1700 करोड़ के भुगतान की मांग
भारतीय किसान संघ की प्रमुख मांगों में वर्ष 2022-23 की धान खरीदी का बकाया 1700 करोड़ रुपये जारी करना शामिल है, संघ ने पिछले तीन वर्षों में समर्थन मूल्य में हुई 258 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि का लाभ जोड़ते हुए धान खरीदी 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग की है, इसके अलावा फल और सब्जी उत्पादक किसानों को कृषक उन्नति योजना से जोड़ने की मांग भी रखी गई है, संघ का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए और लंबित भुगतान का जल्द निराकरण होना चाहिए.

धान खरीदी की अवधि और टोकन व्यवस्था में बदलाव की मांग
किसान संघ ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने की मांग की है, साथ ही प्रत्येक तौल में अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने के संबंध में शासनादेश जारी करने की मांग उठाई है, संघ बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने की व्यवस्था चाहता है, इसके अलावा किसानों पर दबाव डालकर बैंक खाते समर्पित कराने की प्रक्रिया बंद करने की मांग भी की गई है.

गौ संरक्षण और अधूरी सिंचाई परियोजनाओं का मुद्दा
किसानों की मांगों में गौ संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी शामिल है, भारतीय किसान संघ ने गौवंदन योजना लागू करने और जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जोड़ने की मांग की है, इसके अलावा अरपा-भैंसाझार सहित अधूरी सिंचाई परियोजनाओं का काम तेज करने और पैरी हाईडैम जैसी नई परियोजनाओं को तत्काल स्वीकृति देने की मांग रखी गई है, संघ का कहना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को खेती में मदद मिल सकती है.

फसल नुकसान का मुआवजा और खाद की कीमतों पर कार्रवाई
बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है, किसान संघ ने निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में भारतीय एग्रो इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के उदयपुर घोषणा-पत्र के अनुरूप कार्य करने की बात कही गई है.
मक्का और गेहूं की MSP पर खरीदी की मांग
भारतीय किसान संघ ने जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए मक्का और गेहूं की खरीदी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर करने की मांग रखी है, संघ का मानना है कि वैकल्पिक फसलों की उचित कीमत मिलने से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है, फिलहाल किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने में जुटे हैं, अब देखना होगा कि राज्य सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है.