CG News : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ अभियान’ शुरू, 40 दिनों तक चलेगा विरोध का महाअभियान

CG News : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ अभियान’ शुरू, 40 दिनों तक चलेगा विरोध का महाअभियान

CG News : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ अभियान’ शुरू, 40 दिनों तक चलेगा विरोध का महाअभियान

CG News : देशभर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी ‘संविधान बचाओ अभियान’ की आज मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 से छत्तीसगढ़ में विधिवत शुरुआत हो गई। प्रदेश में इस अभियान का पहला चरण प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक के साथ प्रारंभ हुआ। बैठक के बाद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे कथित हमलों के खिलाफ जनजागरण और जनसंघर्ष का माध्यम बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार लगातार संविधान की मूल भावना को कमजोर कर रही है और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को चोट पहुंचा रही है।

भाजपा पर तीखा हमला

बैज ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा संविधान बचाने की बात तो करती है, लेकिन उनके व्यवहार में उसका कोई प्रतिबिंब नहीं दिखता। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को लगातार अपमानित करने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम भाजपा ने किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम न समझें, बल्कि इसे देश की आत्मा को बचाने की लड़ाई के रूप में देखें।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस इस अभियान को 22 अप्रैल से 30 मई 2025 तक पांच चरणों में संचालित करेगी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि यह अभियान राज्य के हर कोने तक पहुंचाने की रणनीति के तहत चलेगा।

चार चरणों में संचालित होगा आन्दोलन

पहले चरण में प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। इसके बाद 25 से 30 अप्रैल तक संविधान बचाओ यात्राएं चलाई जाएंगी। तीसरे चरण में 3 से 10 मई तक जिला स्तरीय रैलियों का आयोजन किया जाएगा। चौथे चरण में 11 से 17 मई तक विधानसभा स्तर पर जनसभाएं और रैलियां होंगी। अंतिम चरण में 20 से 30 मई के बीच घर-घर संपर्क अभियान के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ता आम जनता से सीधे संवाद करेंगे।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान न केवल संगठनात्मक दायित्व है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक आत्मा की रक्षा के लिए चलाया जा रहा एक आंदोलन है। पार्टी का मानना है कि आज संविधान की आत्मा खतरे में है, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले हो रहे हैं, और लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर की जा रही हैं। ऐसे समय में जनता को जागरूक करना जरूरी है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह अभियान छत्तीसगढ़ में एक राजनीतिक से अधिक सामाजिक आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है, जिसका उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक संरचना और संविधान की मूल भावना की रक्षा करना है। आने वाले 40 दिनों में यह देखना रोचक होगा कि यह अभियान प्रदेश की राजनीति और जनता की सोच पर कितना प्रभाव डाल पाता है।

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