CG News: छत्तीसगढ़ की नई उपलब्धि, खनिज राजस्व में कई गुना वृद्धि
CG News: छत्तीसगढ़ अब मात्र हरियाली और संस्कृति के पर्याय से नहीं जाना जाता, बल्कि यह भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है, देश के कुल खनिज भंडार का एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ में छिपा हुआ है, इस वजह से राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 10% तक हो गई है.
खनिज राजस्व में कई गुना वृद्धि
छत्तीसगढ़ गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 14,592 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि 25 साल में 34 गुना वृद्धि है, वन एवं पर्यावरण को संतुलित रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है.
कोयला उत्पादन और लौह अयस्क में दूसरा स्थान
छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से कोयला ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है, छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है, राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयला भंडार का लगभग 20.53 प्रतिशत है और लौह अयस्क उत्पादन में भी छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान प्राप्त है, छत्तीसगढ़ में लगभग 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो देश के लौह अयस्क भंडार का लगभग 19.09 प्रतिशत है.
छत्तीसगढ़ में अन्य खनिजों की भी बड़ी भूमिका है, राज्य में कुल 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे- रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाईट और ग्रेनाइट की खुदाई हर जिले में की जाती है, गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है, जिला पंचायत और नगर निकायों को इन गौण खनिजों से प्रत्येक वर्ष लगभग सैकड़ों करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों की गति मिलती है.