CG News: स्मृति ईरानी के रायपुर पहुंचते ही BJP में सादगी का संदेश, बाइक रैली स्थगित, मंत्री का काफिला भी कार्यालय में नहीं घुसा
CG News: छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी रविवार को रायपुर पहुंचीं. एयरपोर्ट पर उनका स्वागत सादगी के साथ किया गया. संगठन की ओर से नामित 16 पदाधिकारी और विधायक ही स्वागत के लिए पहुंचे. इस दौरान न तो ढोल-ताशे बजाए गए और न ही किसी मंत्री को बुलाया गया. स्वागत के लिए प्रस्तावित भारतीय जनता युवा मोर्चा की बाइक रैली भी स्थगित कर दी गई. एयरपोर्ट से स्मृति ईरानी सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचीं, जहां उनके आगमन के बाद संगठन की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया.

स्मृति ईरानी के निर्देश पर कार्यालय से हटाई गई पुलिस सुरक्षा
भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचने के बाद स्मृति ईरानी के निर्देश पर कार्यालय के भीतर से पुलिस सुरक्षा हटाई गई. उनके आगमन के दौरान भी सादगी और सीमित व्यवस्था देखने को मिली. इसी बीच एक महिला कार्यकर्ता ने स्मृति ईरानी के साथ सेल्फी लेने की इच्छा जताई. बताया गया कि स्मृति ईरानी ने प्यार से कार्यकर्ता के सिर पर हाथ रखा, लेकिन सेल्फी लेने से मना कर दिया. उनके साथ प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रायपुर पहुंचे.
भाजपा कार्यालय में संगठन की बैठकें शुरू
स्मृति ईरानी के पहुंचने के बाद भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और महामंत्रियों की बैठक शुरू हुई. संगठन की आगामी गतिविधियों और कार्यक्रमों को लेकर बैठकों का शेड्यूल भी बदला गया है. अब कोर ग्रुप की बैठक सोमवार को होगी, जबकि निगम-मंडल से जुड़े विषयों पर बैठक रविवार को रखी गई है. नई प्रदेश प्रभारी के आगमन के साथ ही संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं.
मंत्री के काफिले को नहीं मिली एंट्री, पैदल पहुंचे नेता
भाजपा कार्यालय के भीतर मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी प्रवेश नहीं मिला. इसके बाद मंत्री गाड़ी से उतरकर पैदल प्रदेश कार्यालय पहुंचे. पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, धर्मलाल कौशिक और भूपेंद्र सवन्नी भी पैदल ही कार्यालय के अंदर गए. वहीं, कार्यक्रम के शेड्यूल में नाम नहीं होने के कारण कुछ नेताओं को वापस लौटना पड़ा. पूरे घटनाक्रम के दौरान संगठन की ओर से निर्धारित व्यवस्था का पालन होता नजर आया.
नई प्रदेश प्रभारी के सामने संगठनात्मक बैठकों पर नजर
स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे को प्रदेश बीजेपी के संगठनात्मक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उनके आगमन के बाद प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठकें शुरू हो गई हैं. कोर ग्रुप और निगम-मंडल से जुड़ी बैठकों के बदले कार्यक्रम के बीच अब संगठन की आगे की रणनीति और आगामी गतिविधियों पर चर्चा होने की संभावना है.