CG News : छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: निलंबित IAS समेत 6 आरोपी जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट की सख्त शर्तों के साथ मिली जमानत
CG News : कोयला घोटाले मामले में आज सुबह निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू, समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, रजनीकांत तिवारी, वीरेंद्र जायसवाल और संदीप नायक को जेल से रिहा कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच—जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता—ने इनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कुछ सख्त शर्तों के साथ रिहाई का आदेश दिया।
छत्तीसगढ़ में रहने पर प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपी फिलहाल छत्तीसगढ़ में नहीं रह सकेंगे। कोर्ट को आशंका है कि वे राज्य में रहकर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। सभी को निर्देश दिया गया है कि वे रिहाई के एक सप्ताह के भीतर राज्य के बाहर अपने निवास की जानकारी स्थानीय थाने में दर्ज कराएं और अपने पासपोर्ट जमा करें।
570 करोड़ का कथित घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयले के व्यापार और परिवहन से संबंधित मामलों में लगभग ₹570 करोड़ की अवैध वसूली की गई। आरोप है कि कोल परमिट को जानबूझकर ऑफलाइन कर, कोयला व्यापारियों से वसूली की जाती थी। इस घोटाले का मास्टरमाइंड कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को बताया जा रहा है, जो अपने नेटवर्क के जरिए 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम वसूलता था।
घोटाले से जुड़े प्रमुख नाम
ईडी की जांच और रेड के बाद जिन प्रमुख लोगों को आरोपी बनाया गया उनमें शामिल हैं:
• निलंबित IAS रानू साहू
• निलंबित IAS समीर विश्नोई
• पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया
• कारोबारी सूर्यकांत तिवारी
• संदीप नायक, रजनीकांत तिवारी, वीरेंद्र जायसवाल, शिव शंकर नाग, मोइनुद्दीन कुरैशी, निखिल चंद्राकर, और अन्य
ACB और EOW ने दर्ज की FIR
ED की जांच रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंसेज़ विंग (EOW) ने 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है, जिनमें दो पूर्व मंत्री और विधायक भी शामिल हैं। जांच अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
न्यायिक प्रक्रिया जारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, सभी आरोपी आगे की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों और ट्रायल कोर्ट के समक्ष आवश्यकतानुसार उपस्थित रहेंगे और जांच में पूर्ण सहयोग देंगे।