CG News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नए नियम लागू करने की तैयारी, बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य और टोकन की मात्रा पर सख्ती
CG News: छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सत्र को पारदर्शी और गड़बड़ी मुक्त बनाने के लिए राज्य शासन ने नई व्यवस्था तय की है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के नियमों के अनुसार, किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के मुताबिक ही धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचना होगा. निर्धारित मात्रा से कम धान लाने पर बची हुई मात्रा के बराबर रकबे को अगले टोकन में शामिल नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे लैप्स यानी निरस्त माना जाएगा. इससे किसानों के लिए टोकन के अनुसार धान लाना बेहद जरूरी हो जाएगा.
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बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद होगी खरीदी
नई व्यवस्था में धान बेचने पहुंचने वाले किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है. इसके तहत अंगूठे के निशान या आंखों की पुतली के स्कैन के जरिए किसान की पहचान की जाएगी. सत्यापन पूरा होने के बाद ही खरीदी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इसके अलावा, खरीदी से जुड़ी प्रविष्टियां रियल टाइम डेटाबेस में दर्ज की जाएंगी, ताकि रिकॉर्ड में हेरफेर और पिछली तारीख में एंट्री जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके.
जमीन के रकबे के अनुसार जारी होंगे टोकन
प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, किसानों को उनकी भूमि के रकबे के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे. दो एकड़ तक की जमीन वाले किसानों को एक टोकन, 10 एकड़ तक के रकबे वाले किसानों को अधिकतम दो टोकन और इससे अधिक जमीन वाले किसानों को तीन टोकन देने का प्रावधान बताया गया है. दो टोकन होने पर धान की मात्रा 50-50 प्रतिशत और तीन टोकन होने पर 33-33-34 प्रतिशत के अनुपात में बांटी जाएगी. उदाहरण के तौर पर, यदि कोई किसान 84 क्विंटल धान बेचने का टोकन लेकर आता है, लेकिन केवल 63 क्विंटल धान ही लाता है, तो शेष 21 क्विंटल के बराबर रकबे को लैप्स माना जा सकता है.
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टोकन छूटने पर दोबारा जारी करने का सीमित मौका
नई व्यवस्था में निर्धारित तारीख पर धान लेकर उपार्जन केंद्र नहीं पहुंचने की स्थिति में टोकन अगले दिन स्वतः डिलीट होने का प्रावधान बताया गया है. ऐसी स्थिति में टोकन दोबारा जारी कराने का मौका केवल एक बार मिलेगा. यदि दूसरी बार भी टोकन डिलीट हो जाता है, तो संबंधित मात्रा के बराबर रकबा स्थायी रूप से लैप्स हो सकता है. इसलिए किसानों को टोकन की तारीख और उसमें दर्ज मात्रा की जानकारी पहले से जांचने की जरूरत होगी.
70 प्रतिशत टोकन मोबाइल ऐप से
धान खरीदी प्रक्रिया में कुल टोकन का 70 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल ऐप के जरिए और शेष 30 प्रतिशत समितियों के माध्यम से जारी करने की व्यवस्था बताई गई है. फर्जी पंजीयन और धान की रिसाइक्लिंग रोकने के लिए किसानों के रकबे को एग्रीस्टैक आधारित व्यवस्था से जोड़ने की योजना भी शामिल है. इससे खरीदी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी. दी गई जानकारी के अनुसार, कॉमन धान का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित बताया गया है. किसानों को सलाह है कि खरीदी शुरू होने से पहले अपने पंजीयन, रकबे और टोकन संबंधी आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि कर लें.