CG News: बिलासपुर के ग्रामीण इलाकों में एक भी आयरन और फ्लोराइड रिमूवल प्लांट नहीं, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा गंभीर खतरा
CG News: ग्रामीण अंचलों में शुद्ध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के सरकारी दावे केवल फाइलों तक सीमित नजर आ रहे हैं, क्योंकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 14 हजार से अधिक सफल नलकूप होने के बावजूद पानी से आयरन और फ्लोराइड जैसे हानिकारक तत्वों को हटाने के लिए एक भी रिमूवल प्लांट नहीं लगाया गया है.
रिमूवल प्लांटों की संख्या शून्य
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में कुल 14,217 सफल नलकूप खनित हैं, जिनके जरिए गांवों, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन विभागीय चार्ट के मुताबिक इन सभी नलकूपों पर स्थापित एफआरपी फ्लोराइड और आयरन रिमूवल प्लांट की संख्या पूरे जिले में शून्य है.
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
कई ग्रामीण इलाकों में हैंडपंपों और बोरवेल से लाल रंग का या खारा पानी निकलने की शिकायतें आम हैं, जिसमें आयरन और अन्य खनिजों की मात्रा अधिक होती है, और ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण ग्रामीण बिना किसी फिल्टर या शुद्धिकरण के सीधे यह दूषित पानी पीने को मजबूर हैं जो स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है.
नलजल योजनाओं और स्कूलों में भी सुविधा नहीं
विभाग द्वारा संचालित 310 नलजल और स्थल योजनाओं के साथ-साथ जिले के 1,857 सरकारी स्कूलों, 1,140 आंगनबाड़ियों और 233 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में लगे पंपों पर भी जल शुद्धिकरण की कोई व्यवस्था नहीं है, जहां छोटे बच्चे और मरीज बिना फिल्टर का पानी उपयोग करने को विवश हैं.