CG News: बिलासपुर हाईकोर्ट का राजनांदगांव कलेक्टर के आदेश पर बड़ा फैसला, याचिकाकर्ताओं को राहत
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट ने जमीन के मालिकाना हक से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राजनांदगांव कलेक्टर के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें भू-राजस्व संहिता की धारा 57(2) के तहत प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई करने से साफ मना कर दिया गया था.
एकतरफा आदेश के खिलाफ लगाई थी याचिका
राजनांदगांव के बांसपाईपारा निवासी दिवंगत बसंत लाल के कानूनी वारिसों शशि बाला लाल, शिशिर लाल, कीर्ति लाल और शिरीष लाल ने याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने 3 नवंबर 1978 को पारित एकतरफा आदेश को चुनौती दी थी, क्योंकि उस दौरान उन्हें कोई पूर्व नोटिस या सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई थी.
आवेदन सुनने से इंकार पर कोर्ट का रुख
स्वामित्व विवाद के निपटारे के लिए जब पीड़ितों ने धारा 57(2) के तहत कलेक्टर के समक्ष नया आवेदन प्रस्तुत किया, तो कलेक्टर ने उस पर सुनवाई करने से मना कर दिया, जिसके बाद मजबूरन याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहाँ अदालत ने कलेक्टर के इस निर्णय को पूरी तरह अनुचित माना.
कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश
माननीय हाईकोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे आगामी 15 दिनों के भीतर राजनांदगांव कलेक्टर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों, ताकि संबंधित प्रकरण की न्यायिक प्रक्रिया को विधि अनुसार पुनः प्रारंभ किया जा सके.
60 दिनों में फैसला करने का आदेश
अदालत ने कलेक्टर को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इस मामले में सभी आवश्यक और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर प्रदान किया जाए, तथा कानून के दायरे में रहते हुए पूरे प्रकरण का अंतिम निपटारा 60 दिनों की समयावधि के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए.