CG News: छत्तीसगढ़ में शक्कर की महंगाई पर सियासत तेज, दीपक बैज ने सरकार के खिलाफ ‘चीनी सत्याग्रह’ का किया ऐलान
CG News: छत्तीसगढ़ में शक्कर की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने महंगाई के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि शक्कर के लगातार बढ़ते दाम का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है. इसी के विरोध में कांग्रेस आने वाले दिनों में प्रदेशभर में ‘चीनी सत्याग्रह’ शुरू करने की तैयारी कर रही है.
इथेनॉल उत्पादन को लेकर उठाए सवाल
दीपक बैज ने शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे गन्ने के बड़े पैमाने पर इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल को एक वजह बताया है. उनका दावा है कि गन्ने का बड़ा हिस्सा इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने से शक्कर के उत्पादन और बाजार में उपलब्धता पर असर पड़ा है. बैज ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर भी सवाल उठाए हैं. हालांकि, इथेनॉल और शक्कर की कीमतों को लेकर लगाए गए ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
सरकार पर समय रहते कदम नहीं उठाने का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार को शक्कर की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की जानकारी पहले से थी. उनके मुताबिक, करीब तीन से चार महीने पहले ही स्थिति का अंदाजा लग गया था, लेकिन कीमतों पर नियंत्रण के लिए समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए. बैज ने महंगाई के जरिए जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ने का आरोप लगाते हुए सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए हैं.
डबल इंजन सरकार को घेरने की तैयारी
दीपक बैज ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में नाकाम रही है. कांग्रेस का कहना है कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी सरकार के खिलाफ आंदोलन को प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
‘चीनी सत्याग्रह’ से जनता के बीच जाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने शक्कर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ अपने प्रस्तावित आंदोलन को ‘चीनी सत्याग्रह’ नाम दिया है. दीपक बैज ने इसे महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह उस समय नमक की कीमत और कर के खिलाफ आंदोलन हुआ था, उसी तरह आज शक्कर की महंगाई के मुद्दे को जनता की आवाज बनाया जाएगा. हालांकि आंदोलन की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन इस ऐलान के बाद छत्तीसगढ़ में महंगाई को लेकर सियासत और तेज होने के संकेत हैं.