CG News: छत्तीसगढ़ का पहला ग्रेन एटीएम हुआ बंद, सर्वर खराबी से राशन वितरण प्रभावित
CG News: छत्तीसगढ़ में राशन वितरण को आधुनिक बनाने के लिए शुरू किया गया प्रदेश का पहला ग्रेन एटीएम उद्घाटन के अगले ही दिन तकनीकी समस्या के कारण बंद हो गया. बीरगांव में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने शनिवार को अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत की थी. लेकिन कुछ समय बाद ही मशीन ने काम करना बंद कर दिया, जिसके चलते रविवार और सोमवार सुबह राशन लेने पहुंचे कई हितग्राहियों को बिना राशन वापस लौटना पड़ा.

100 से ज्यादा लोगों को नहीं मिला राशन
मशीन में आई तकनीकी खराबी के कारण करीब दो दिनों तक कई हितग्राही राशन नहीं ले सके. जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मशीन की जांच की. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्या सामने आई थी. विभाग का कहना है कि अब समस्या को ठीक कर लिया गया है और मशीन से हितग्राहियों को चावल मिलना शुरू हो गया है.
आधार या राशन कार्ड से मिलेगा चावल
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का उद्देश्य राशन वितरण को आसान और पारदर्शी बनाना है. पात्र हितग्राही मशीन में आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज कर सकेंगे. इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए अंगूठे का निशान लिया जाएगा और पात्रता के अनुसार चावल मशीन से बाहर निकलेगा. इस व्यवस्था से राशन दुकानों पर लंबी कतार में लगने की जरूरत कम होगी, हालांकि चावल रखने के लिए हितग्राही को अपना बोरा या झोला लाना होगा.
24 घंटे राशन लेने की सुविधा
ग्रेन एटीएम को इस तरह तैयार किया गया है कि पात्र हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार 24 घंटे राशन प्राप्त कर सकें. एक मशीन में करीब 2500 किलोग्राम तक खाद्यान्न रखने की क्षमता बताई गई है. सरकार का उद्देश्य तकनीक के जरिए राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना, समय बचाना और वितरण से जुड़ी गड़बड़ियों को कम करना है. छत्तीसगढ़ में शुरू हुई यह व्यवस्था देश के अन्य राज्यों में लागू ग्रेन एटीएम मॉडल की तर्ज पर तैयार की गई है.
समस्या दूर, फिर शुरू हुआ राशन वितरण
रायपुर के खाद्य नियंत्रक के अनुसार, बीरगांव के ग्रेन एटीएम में सोमवार को सर्वर संबंधी तकनीकी खराबी आई थी, जिसे सुधार लिया गया है. इसके बाद मशीन से राशन वितरण दोबारा शुरू हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार देर शाम तक 97 हितग्राहियों ने ग्रेन एटीएम के जरिए चावल प्राप्त किया. हालांकि, उद्घाटन के तुरंत बाद आई तकनीकी समस्या ने मशीन की तकनीकी तैयारी और विश्वसनीयता को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.