CG News: दुर्ग के गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की टैक्स-पेनल्टी, संपत्ति कुर्की की तैयारी
CG News: दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. राज्य जीएसटी विभाग ने उसके खिलाफ करीब 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है. विभाग ने तय राशि जमा करने के लिए 90 दिन का समय दिया है. अगर इस अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो चिन्हित संपत्तियों को कुर्क कर बकाया राशि की वसूली की जा सकती है.

पांच साल के कारोबार की जांच
जीएसटी विभाग की जांच के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 के बीच तंबाकूयुक्त गुटखे का कारोबार कथित तौर पर एक संगठित नेटवर्क के जरिए संचालित किया गया. कारोबारी की ओर से सितार नाम से गुटखा तैयार कर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में सप्लाई किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है. विभाग ने इसी अवधि के कारोबार और कथित टैक्स देनदारी के आधार पर पेनल्टी की राशि तय की है.
12 संपत्तियां जांच के दायरे में
जांच के दौरान जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी के नाम से जुड़ी 12 संपत्तियों को चिन्हित किया है. विभाग के मुताबिक तय समय सीमा में राशि जमा नहीं होने पर नियमानुसार इन संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है. मामले में न्यायालय में चालान पेश किए जाने की भी जानकारी दी गई है. जांच के दौरान कारोबारी के तीन कर्मचारियों के बयान और शपथपत्र भी लिए गए हैं.
फैक्ट्रियों में पैकिंग और कच्चे माल की जांच
जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग ने जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की थी. जांच में इन स्थानों पर गुटखे की पैकिंग किए जाने की जानकारी सामने आई. इसके बाद राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री की भी जांच की गई, जो दस्तावेजों में मीठी सुपारी निर्माण के लिए पंजीकृत बताई गई थी. विभागीय जांच में यहां गुटखे के लिए कच्चा माल तैयार किए जाने का दावा किया गया है.
रात में उत्पादन और सप्लाई का आरोप
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, गुटखे का कथित उत्पादन रात करीब 10 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जाता था. रायपुर, राजनांदगांव और दुर्ग में अलग अलग समय पर किराए के गोदामों के इस्तेमाल की जानकारी भी जांच में सामने आई है. विभाग ने उत्पादन, पैकिंग, भंडारण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की है. मामले में पुलिस और खाद्य विभाग की कार्रवाई भी पहले सामने आ चुकी है, जबकि सील की गई फैक्ट्री से मशीनरी और सामान हटाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है.