CG News: रायपुर पुलिस कमिश्नरेट पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल, पुनर्गठन और संसाधन बढ़ाने की मांग
CG News: रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं, उन्होंने रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे बिना दांत, सींग और पावर वाला कमिश्नरेट बताया. सांसद के इस बयान के बाद पुलिस व्यवस्था, संसाधनों और कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
CM और गृहमंत्री को पत्र लिखकर रखी मांग
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 5 अगस्त को मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को पत्र भेजकर रायपुर कमिश्नरेट तथा ग्रामीण पुलिस की व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी, उन्होंने 660 से ज्यादा खाली पदों को भरने और 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तत्काल तैनाती का सुझाव दिया. इसके साथ ही नए पदों की मंजूरी, यातायात पुलिस बल बढ़ाने और कार्यालयों व सरकारी वाहनों की व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी रखी.
कमिश्नरेट के विस्तार पर उठाया सवाल
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि मौजूदा कमिश्नरेट व्यवस्था में रायपुर के शहरी क्षेत्र शामिल हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों को इससे अलग रखा गया है, उनका मानना है कि पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए इस संरचना पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों को कमिश्नरेट के दायरे में शामिल करने और पुलिस बल तथा संसाधनों की कमी दूर करने को लेकर भी उन्होंने सरकार के सामने अपनी बात रखी है.
एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
रायपुर एयरपोर्ट को कमिश्नरेट के दायरे से बाहर रखे जाने को लेकर भी सांसद ने सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि एयरपोर्ट पर लगातार वीवीआईपी मूवमेंट रहता है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और मजबूत पुलिसिंग जरूरी है. इसके अलावा पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में खाली पदों को भरने और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया है.
गृह मंत्री ने मांगों पर विचार का दिया भरोसा
बृजमोहन अग्रवाल की मांगों के बीच पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का समर्थन भी सामने आया है, वहीं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इन मुद्दों पर विचार करने की बात कही है. अब सरकार के संभावित फैसले पर नजर है, क्योंकि कमिश्नरेट के पुनर्गठन, पुलिस बल की कमी, यातायात व्यवस्था, संसाधनों और एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आने वाले समय में बड़ा निर्णय लिया जा सकता है.