CG News: फर्जी ग्रामसभा से ताम्रपट्टिका विवाद तक, मानसून सत्र के चौथे दिन कई मुद्दों पर गरमाया सदन
CG News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस हुई. प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कथित फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के आधार पर उद्योग स्थापना का मामला उठाया. जवाब में उद्योग मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मामले की पुलिस जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
मछुआ नीति में बदलाव का संकेत
नेता प्रतिपक्ष ने मछुआ नीति में विसंगतियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वन क्षेत्र के तालाबों पर आदिवासियों से टैक्स नहीं लिया जा सकता, लेकिन मौजूदा नीति में इसका प्रावधान है. इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि नई मछुआ नीति तैयार की जा रही है और सभी विसंगतियों को दूर किया जाएगा. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी नीति में संशोधन की जरूरत बताई.
खाद आवंटन को लेकर सरकार से सवाल
कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने विभिन्न जिलों में खाद वितरण में असमानता का मुद्दा उठाया. कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि प्रदेश को 14.06 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित हुआ है, जिसमें 64 प्रतिशत सहकारी और 36 प्रतिशत निजी क्षेत्र के माध्यम से वितरित किया गया है. विपक्ष ने कुछ क्षेत्रों में लक्ष्य से अधिक आवंटन की जांच की मांग की.
सेवाग्राम प्रोजेक्ट पर तीखी नोकझोंक
सत्र के दौरान सेवाग्राम प्रोजेक्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बीच तीखी बहस भी हुई. बाद में अजय चंद्राकर ने अपने शब्दों पर सदन में खेद व्यक्त किया, जिस पर भूपेश बघेल ने उनका धन्यवाद किया.
ताम्रपट्टिका विवाद पर मंत्री ने जांच के दिए निर्देश
कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने मल्हार से प्राप्त ऐतिहासिक बालार्जुन ताम्रपट्टिका की भाषा को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने प्रधानमंत्री के एक पूर्व वक्तव्य और विभागीय जवाब में अंतर का मुद्दा सदन में रखा. इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यदि अधिकारियों ने तथ्यात्मक त्रुटि की है, तो पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सरकार ने दी जांच और सुधार का भरोसा
मानसून सत्र के चौथे दिन सरकार ने विभिन्न मुद्दों पर जांच, नीति में सुधार और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया. वहीं विपक्ष ने कई मामलों में जवाबों से असंतोष जताते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की. सदन में इन मुद्दों को लेकर पूरे दिन राजनीतिक माहौल गर्म रहा.