CG News: विकास गर्ग ED की हिरासत में, 940 करोड़ की संपत्ति जब्ती के बाद बढ़ी जांच

CG News: विकास गर्ग ED की हिरासत में, 940 करोड़ की संपत्ति जब्ती के बाद बढ़ी जांच

CG News: विकास गर्ग ED की हिरासत में, 940 करोड़ की संपत्ति जब्ती के बाद बढ़ी जांच

CG News: महादेव ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट मामले में कारोबारी विकास गर्ग को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया. प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने 14 जुलाई को दिल्ली से विकास गर्ग को गिरफ्तार किया था, दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्हें 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंपा था. इसके बाद एजेंसी ने उन्हें रायपुर लाकर कोर्ट में पेश किया और आगे की पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की जाएगी.

ED करेगी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच

ED अब विकास गर्ग से महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी, जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में बड़ी मात्रा में अवैध कमाई और उसे अलग-अलग माध्यमों से निवेश करने की जांच की जा रही है, ED ने इससे पहले विकास गर्ग से जुड़ी करीब 940 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की थी. एजेंसी का दावा है कि अवैध सट्टेबाजी से हासिल रकम को विभिन्न कंपनियों और वित्तीय लेनदेन के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई.

कांग्रेस ने लगाए राजनीतिक आरोप

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेताओं ने विकास गर्ग को भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ से जुड़ा बताते हुए सवाल उठाए हैं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि महादेव ऐप को बंद करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की, वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का इंतजार है.

ED के अनुसार हर महीने करोड़ों का कारोबार

ED की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू हुई थी, जांच एजेंसी का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम के जरिए चलाया जा रहा था. ED के मुताबिक इस नेटवर्क से हर महीने सैकड़ों करोड़ रुपए के अवैध कारोबार का अनुमान है.

शेल कंपनियों के जरिए रकम खपाने का आरोप

ED का दावा है कि सट्टेबाजी से अर्जित धन को फर्जी कंपनियों और कई स्तर के लेनदेन के जरिए निवेश और संपत्तियों में बदला गया, एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों में बड़ी रकम पहुंचने के सबूत मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है, महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज बेटिंग मामले में ED अब तक कई बार कार्रवाई कर चुकी है. एजेंसी के अनुसार, इस मामले में करीब 3800 करोड़ रुपए की चल-अचल और विदेशी संपत्तियों को अटैच, जब्त या फ्रीज किया जा चुका है, ED का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरे सिंडिकेट की भूमिका की जांच अभी जारी है.

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