CG News: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ दिल्ली में शिक्षक आंदोलन, छत्तीसगढ़ से हजारों शिक्षक शामिल
CG News: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के बैनर तले राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन आयोजित किया गया। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ से हजारों शिक्षक पहुंचे और टीईटी (TET) की अनिवार्यता को काला कानून बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की।
केदार जैन का संदेश
TFI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीईटी अनिवार्यता लागू होने के बाद देशभर के हजारों शिक्षकों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं। उन्होंने इसे शिक्षकों के भविष्य पर आघात करार दिया और केंद्र सरकार से तुरंत इस कानून को वापस लेने की मांग की।

भाजपा सांसदों का समर्थन
आंदोलन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने मंच पर आकर शिक्षकों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश में किसी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पाल ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से हस्तक्षेप करेंगे।
शिक्षकों की मुख्य मांगें
1. टीईटी की अनिवार्यता तुरंत समाप्त की जाए।
2. काला कानून वापस लिया जाए।
3. शिक्षकों की नौकरियों पर मंडरा रहे खतरे को दूर किया जाए।
TFI नेताओं ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है, यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो शिक्षक और सशक्त प्रदर्शन करेंगे।
छत्तीसगढ़ से भारी प्रतिनिधित्व
छत्तीसगढ़ प्रदेश से टीईटी विरोधी आंदोलन में TFI के नेता शामिल थे:
• केदार जैन (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)
• मनीष मिश्रा
• रविंद्र राठौर (प्रांत अध्यक्ष)
• प्रदीप पांडे, कमलेश बिसेन, रामचंद सोनवंशी
हजारों की संख्या में शिक्षक इस संयुक्त नेतृत्व में आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद की।
आंदोलन की गंभीरता
यह आंदोलन उन हजारों शिक्षकों की पीड़ा को सामने लाता है जिनकी नौकरियां वर्षों की मेहनत के बावजूद टीईटी परीक्षा के कारण अनिश्चित हो गई हैं। शिक्षक संगठन अब केंद्र सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं।