CG News : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव की आहट, प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर उमेश पटेल की चर्चा
रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अंदरखाने गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद पर संभावित बदलाव की चर्चाओं के बीच इस बार विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने और सामाजिक संतुलन साधने की दिशा में यह नाम उभरकर आया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक विरासत
उमेश पटेल का संबंध कांग्रेस की उस राजनीतिक धारा से है, जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति को दशकों तक दिशा दी। वे दिवंगत नेता नंदकुमार पटेल के पुत्र हैं, जो कभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और गृह मंत्री रह चुके थे। झीरम घाटी हमले में शहीद हुए दिनेश पटेल उनके बड़े भाई थे।
भूपेश बघेल खेमे से नजदीकी
कांग्रेस के भीतर यह माना जाता है कि उमेश पटेल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भरोसेमंद नेताओं में शामिल हैं। यही कारण है कि संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाओं में उनका नाम तेजी से उछल रहा है।
संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा?
पार्टी से जुड़े जानकारों की मानें तो यह दावेदारी केवल पद परिवर्तन तक सीमित नहीं है। इसे प्रदेश कांग्रेस में शक्ति संतुलन बनाए रखने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। मौजूदा परिस्थितियों में नेतृत्व ऐसा चेहरा तलाश रहा है, जो संगठन और सामाजिक वर्गों के बीच सेतु का काम कर सके।
युवा कांग्रेस से राष्ट्रीय जिम्मेदारी तक का सफर
उमेश पटेल पहले युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में उन्हें कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ अभियान के लिए छत्तीसगढ़ का समन्वयक बनाया गया है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि पार्टी उन्हें लगातार अहम जिम्मेदारियां सौंप रही है।
प्रदेश अध्यक्ष पर सस्पेंस बरकरार
हालांकि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। अधिकतर नेताओं का कहना है कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान द्वारा लिया जाएगा और सभी उस फैसले का सम्मान करेंगे।