CG News: छत्तीसगढ़ का पहला किमी आधारित टोल, रायपुर–टेडेसरा इकोनॉमिक कॉरिडोर तैयार

CG News: छत्तीसगढ़ का पहला किमी आधारित टोल, रायपुर–टेडेसरा इकोनॉमिक कॉरिडोर तैयार

CG News: छत्तीसगढ़ का पहला किमी आधारित टोल, रायपुर–टेडेसरा इकोनॉमिक कॉरिडोर तैयार

CG News: छत्तीसगढ़ के बहुप्रतीक्षित रायपुर–टेडेसरा इकोनॉमिक कॉरिडोर पर अब वाहन चालकों को दूरी के अनुसार टोल टैक्स देना होगा, 92.23 किलोमीटर लंबे इस सिक्सलेन कॉरिडोर पर प्रति किलोमीटर 2 रुपए की दर से टोल वसूला जाएगा, पूरी दूरी तय करने पर कुल 184 रुपए चुकाने होंगे, खास बात यह है कि, कॉरिडोर के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों को भी टोल देना होगा, हालांकि 3000 रुपए वाला पास मान्य रहेगा.

छत्तीसगढ़ में बन रहा सड़कों का मजबूत नेटवर्क:18000 करोड़ से ज्यादा की इन 37  रोड प्रोजेक्ट पर चल रहा काम, पढ़ें - Cg: Economic Corridors Being Built For  Raipur ...

किलोमीटर के आधार पर गणना

यह छत्तीसगढ़ की पहली सड़क होगी, जहां टोल की गणना किलोमीटर के आधार पर की जाएगी, एनएचएआई के अनुसार, वाहन चालकों से प्रवेश के समय कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जैसे ही वाहन एक्सप्रेस-वे से बाहर निकलेंगे, फास्टैग के माध्यम से तय दूरी के अनुसार टोल राशि स्वतः कट जाएगी.

छह इंटरचेंज से होगी टोल गणना

इस इकोनॉमिक कॉरिडोर पर कुल छह इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं, इनमें राजनांदगांव का देवादा, दुर्ग का कोल्हियापुरी, पाटन का फुंडा-देवादा, अभनपुर का कोलार, झांकी और रायपुर का पारागांव शामिल हैं, इन्हीं इंटरचेंज गेट्स पर वाहन की दूरी तय कर टोल की गणना की जाएगी.

2 हजार करोड़ की लागत

एनएचएआई लगभग 2000 करोड़ रुपए की लागत से मुंबई–कोलकाता इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना के तहत यह 92.23 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन बायपास तैयार कर रहा है, परियोजना का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, अब तक 300 में से 270 पुल-पुलियों का निर्माण हो चुका है, शेष कार्यों को पूरा कर अगस्त 2026 तक कॉरिडोर को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

यह बायपास दुर्ग–भिलाई औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेहद अहम साबित होगा, स्टील, सीमेंट और पावर सेक्टर की माल ढुलाई तेज होगी, साथ ही रायपुर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और औद्योगिक हब तक पहुंच आसान होगी, बायपास के दोनों ओर दीवारें बनाई जाएंगी, जिससे अनधिकृत प्रवेश रोका जा सकेगा, विशेषज्ञों का मानना है कि, यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा.

यह भी पढ़ें : CG News: बस्तर में बाघ की मौजूदगी के बीच फर्जी वीडियो वायरल, वन विभाग अलर्ट

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *