CG News : बिलासपुर में तांत्रिक क्रिया के शक में हंगामा, यूपी-बिहार से बुलाए गए पुजारियों समेत 6 से अधिक लोग हिरासत में
CG News : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम निरतू में मंगलवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ग्रामीणों ने तांत्रिक क्रिया के शक में उत्तरप्रदेश और बिहार से आए पुजारियों समेत छह से अधिक लोगों को पकड़ लिया। आरोप है कि गांव के बाहर श्मशान घाट में पीपल के पेड़ के नीचे एक लड़की को बैठाकर तांत्रिक पूजा की जा रही थी। इस घटना को लेकर गांव वालों ने बलि की आशंका जताई और बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लोगों को हिरासत में लिया गया
मामले की जानकारी मिलते ही कोनी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने भीड़ के बीच से सभी आरोपितों को सुरक्षित निकालकर थाने लाया। कोनी थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि ग्रामीणों ने बलि जैसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि एक लड़की को पीपल के पेड़ के नीचे बैठाया गया था, और वहां कुछ महिलाएं तथा पुजारी पूजा-पाठ कर रहे थे।
तीन दिन से चल रही थी पूजा, लड़की के इलाज के लिए किया जा रहा था अनुष्ठान
पूछताछ में सामने आया कि चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम छतौना निवासी राकेश कौरव की बेटी लंबे समय से बीमार चल रही थी। इलाज से राहत नहीं मिलने पर किसी ने उन्हें पूजा-पाठ कराने की सलाह दी। इसके बाद राकेश ने उत्तरप्रदेश और बिहार से पुजारियों को बुलवाया, जो पिछले तीन दिनों से उनके घर पर पूजा कर रहे थे। बताया गया कि अनुष्ठान के अंतिम चरण में पीपल पेड़ की विशेष पूजा की जानी थी, इसलिए वे गांव के बाहर श्मशान घाट पहुंचे थे।
ग्रामीणों को हुआ शक, नींबू-मिर्च, सिंदूर और सब्बल देखकर मची हलचल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूजा स्थल पर नींबू, मिर्च, सिंदूर और एक सब्बल रखा हुआ था, जो आमतौर पर तांत्रिक क्रियाओं में उपयोग होता है। पीपल के पेड़ को कुल्हाड़ी से काटने और उसमें कील ठोकने की गतिविधियों को देख ग्रामीणों को बलि जैसी कुप्रथा की आशंका हुई। साथ ही, रात के अंधेरे में लड़की की उपस्थिति ने शक को और गहरा कर दिया। इसके बाद गांव के लोग भारी संख्या में मौके पर जमा हो गए और हंगामा करने लगे।
पुजारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल से सभी पुजारियों और आयोजन से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया है। जिनकी पहचान छतौना निवासी राकेश कौरव, नरसिंहपुर के चिचौली निवासी आकाश कौरव (32), उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले के रूद्रपुर निवासी पुजारी योगेश पांडेय (32), पंडित नितेश पांडेय (24), विश्वजीत पांडेय (23), विशाल पांडेय (27) और बिहार के चंपारण लाहोरिया के देवरा निवासी सनिश पांडेय (45) के रूप में हुई है। सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कर रही है जांच, ग्रामीणों से अपील की जा रही है संयम बरतने की
कोनी पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक बलि जैसी कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूजा की प्रकृति और रात के समय की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों की चिंता को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी जानकारी को सीधे पुलिस से साझा करें।