बस्तर में कल से चित्रकोट महोत्सव-2026: संस्कृति, लोककला और खेलों का संगम
बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात तट पर 18 फरवरी से दो दिवसीय चित्रकोट महोत्सव-2026 की शुरुआत होगी। “एशिया का नियाग्रा” कहलाने वाला यह पर्यटन स्थल 18 और 19 फरवरी को संस्कृति, लोककला और पारंपरिक खेलों की रंगारंग छटा से सराबोर रहेगा।
संस्कृति और लोककला का मंच
महोत्सव का उद्देश्य बस्तर की समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को व्यापक पहचान देना है। पहले दिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आयोजन का शुभारंभ होगा। स्थानीय लोक कलाकार पारंपरिक नृत्य-गीत प्रस्तुत करेंगे, वहीं स्कूली छात्र-छात्राएं भी रंगारंग कार्यक्रम पेश करेंगे।
खेल प्रतियोगिताएं रहेंगी खास आकर्षण
इस वर्ष महोत्सव में खेलों को विशेष महत्व दिया गया है।
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कबड्डी
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वॉलीबॉल
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रस्साकशी
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पारंपरिक ग्रामीण प्रतियोगिताएं
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नौका दौड़ (मुख्य आकर्षण)
नदी तट पर आयोजित नौका दौड़ रोमांच बढ़ाएगी, जबकि ग्रामीण टीमों के बीच मुकाबले उत्साह का माहौल बनाएंगे।
19 फरवरी को होगा समापन
19 फरवरी को विजेताओं को पुरस्कार वितरण के साथ महोत्सव का समापन होगा। प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की है।
चित्रकोट महोत्सव न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों, खिलाड़ियों और शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच भी प्रदान करेगा।