CG News : सिस्टम के आगे बेबस किसान: जमीन बंटवारे के लिए मंच पर साष्टांग
CG News : देवभोग विकासखंड के निष्ठीगुड़ा में आयोजित अंतिम समाधान शिविर में एक दिल छू लेने वाला दृश्य सामने आया, जब लाटापारा गांव का किसान अशोक कुमार कश्यप मंच पर चढ़कर एसडीएम के सामने साष्टांग हो गया। उसकी केवल एक मांग थी – “साहब! बंटवारा करा दो।” अशोक की पुरखौती जमीन 4.28 एकड़ है, जो उसके नाम पर दर्ज है, लेकिन कब्जा बड़े भाई के पास है। पहले भी वह कई बार सुशासन तिहार और समाधान शिविरों में गुहार लगा चुका है, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
एसडीएम तुलसी दास ने बताया कि पूर्व में अशोक को उसका हिस्सा दिलाया गया था, लेकिन पुनः कब्जा हो गया है। अब स्थल निरीक्षण कर स्थाई समाधान का आश्वासन दिया गया है। तहसीलदार चितेश देवांगन ने बताया कि अशोक के खाते में सिर्फ 2 एकड़ भूमि दर्ज है और बंदोबस्त त्रुटियों के कारण ऐसा हो रहा है। 1991 में अंतिम बंदोबस्त के दौरान हुई गलतियों के चलते ऐसे विवाद बार-बार सामने आ रहे हैं।
देवभोग में लंबित हैं 394 राजस्व मामले
देवभोग के तीनों राजस्व न्यायालयों में कुल 394 मामले लंबित हैं। इसमें नायब तहसीलदार न्यायालय में 129, तहसीलदार न्यायालय में 185 और एसडीएम न्यायालय में 80 मामले शामिल हैं। इन मामलों में सबसे अधिक 104 सीमांकन, 72 क्षतिपूर्ति और 31 खाता विभाजन से जुड़े हैं। जिले की स्थिति निराकरण के मामले में चौथे स्थान पर है।
कमी है राजस्व अमले की
देवभोग तहसील में 93 राजस्व ग्राम हैं, लेकिन संसाधनों की भारी कमी है। नायब तहसीलदार का पद रिक्त है, तीन आरआई सर्कल में मात्र एक आरआई कार्यरत है। 27 हल्कों के लिए केवल 14 पटवारी ही उपलब्ध हैं। पटवारियों की कमी के कारण राजस्व मामलों का निराकरण समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बंदोबस्त त्रुटियों से बढ़ रहे विवाद
तहसीलदार देवांगन ने यह भी बताया कि बंदोबस्त सुधार के 13 मामले दर्ज हैं। 1991 के बाद अब तक कोई नया बंदोबस्त नहीं हुआ है, जिससे हर वर्ष बोनी के समय 20 से अधिक विवाद सामने आते हैं। जब तक बंदोबस्त प्रक्रिया को दोबारा नहीं किया जाएगा, तब तक विवादों का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।