CG News: सुकमा में नक्सलियों के फंडिंग नेटवर्क का खुलासा, पूर्व विधायक मनिष कुंजाम ने लगाए गंभीर आरोप
CG News: सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र से पूर्व विधायक और आदिवासी नेता मनिष कुंजाम ने हाल ही में नक्सल गतिविधियों और उनके आर्थिक नेटवर्क को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुंजाम का दावा है कि हाल ही में नक्सलियों के पास से बरामद सोने का स्रोत देश के भीतर नहीं, बल्कि विदेश से जुड़ा हो सकता है, संभवत: स्विट्ज़रलैंड के बैंकों तक। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पैसों का लेन-देन और खनन परियोजनाएं
पूर्व विधायक मनिष कुंजाम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नक्सली वर्षों से जल, जंगल और जमीन के नाम पर आंदोलन करते रहे, लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य सत्ता और आर्थिक लाभ हासिल करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर के खानों जैसे Aamdai Mines और Rowghat परियोजनाओं के संचालन में नक्सलियों और एजेंट्स के बीच करोड़ों रुपए का लेन-देन होता रहा। समय पर पैसा न पहुंचने पर नक्सली हिंसक घटनाओं को अंजाम देते थे, जिससे दबाव बनाया जाता था।
आत्मसमर्पण और सोने की बरामदगी
हाल ही में बीजापुर जिले में 31 मार्च को 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनके पास से 7 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद हुआ। इसी तरह जगदलपुर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पास भी करीब डेढ़ किलोग्राम सोना मिला। इन घटनाओं ने नक्सल फंडिंग और उनके स्रोत को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक नेटवर्क का मुद्दा
पूर्व विधायक कुंजाम का कहना है कि यह मामला केवल सुरक्षा या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो नक्सल फंडिंग के पीछे छिपे तंत्र का खुलासा हो सकता है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती रहा है।