CG News : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर ऐतिहासिक प्रहार: सुरक्षाबलों ने मार गिराए 27 नक्सली, CPI (माओवादी) का महासचिव भी ढेर
CG News : आज देश की आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और निर्णायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे राष्ट्र का ध्यान अपनी ओर खींचा है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए एक व्यापक और सफल अभियान में, 27 खूंखार नक्सलियों को मार गिराया गया है। मारे गए नक्सलियों में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) का शीर्ष नेता और महासचिव नम्बाला केशव राव उर्फ बसवराजू भी शामिल है। यह पिछले तीन दशकों में पहली बार है जब भारतीय सुरक्षाबलों को इस स्तर के किसी नक्सली नेता को ढेर करने में इतनी बड़ी कामयाबी मिली है।
ऑपरेशन की सफलता और डीजीपी का बयान:
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक, अरुण देव गौतम, ने आज मीडिया से विस्तृत बातचीत करते हुए इस ऐतिहासिक सफलता की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बुधवार को नारायणपुर जिले में हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए सभी 27 माओवादियों की पहचान कर ली गई है। डीजीपी गौतम ने आईजी बस्तर पी. सुंदरराज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर नक्सलियों के शवों और उनसे बरामद किए गए भारी मात्रा में हथियारों व गोला-बारूद का गहन निरीक्षण किया। बरामद हथियारों में बीजीएल, कार्बाइन, इंसास, एके-47, एसएलआर, 303 राइफल और अन्य अत्याधुनिक आग्नेयास्त्र शामिल हैं, जो नक्सलियों की ताकत और सुरक्षाबलों की चुनौती को दर्शाते हैं।
केंद्र सरकार के 31 मार्च 2026 तक पूरे भारत से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प के बारे में पूछे जाने पर, डीजीपी गौतम ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, “यह हमारे गृह मंत्री का संकल्प है। अगर यह उससे पहले हो जाए तो अच्छा है।”
शहीदों को नमन, जवानों को बधाई:
यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी फोर्स ने नक्सल उन्मूलन अभियान में बुधवार को यह असाधारण कामयाबी हासिल की। नारायणपुर-बीजापुर बॉर्डर पर हुए इस मुठभेड़ में जवानों ने नक्सलियों के टॉप लीडर और महासचिव नम्बाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया, जिस पर केंद्र सरकार ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस वीरतापूर्ण ऑपरेशन में देश के दो बहादुर जवान भी शहीद हुए हैं, जिन्हें पूरा राष्ट्र सलाम कर रहा है और उनकी शहादत को नमन करता है।
उच्च स्तरीय प्रतिक्रियाएं:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “नक्सलवाद को खत्म करने की लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि। आज, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक ऑपरेशन में, हमारे सुरक्षा बलों ने 27 खूंखार माओवादियों को मार गिराया है, जिनमें सीपीआई-माओवादी के महासचिव, शीर्ष नेता और नक्सल आंदोलन की रीढ़ नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू भी शामिल हैं।
वामपंथी संगठनों की निंदा और राजनीतिक बहस:
जहाँ एक ओर देश में इस बड़ी कामयाबी पर सुरक्षाबलों की सराहना और जश्न का माहौल है, वहीं दूसरी ओर इस मुठभेड़ की निंदा भी सामने आई है। वामपंथी संगठन सीपीआई (एम) ने इस मुठभेड़ की कड़ी निंदा करते हुए एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया है।
अपने प्रेस नोट में सीपीआई (एम) ने लिखा है कि, “भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) छत्तीसगढ़ में अपने महासचिव नंबाला केशवराव सहित 27 माओवादियों की मुठभेड़ की कड़ी निंदा करती है। माओवादियों द्वारा बार-बार बातचीत की अपील को नज़रअंदाज़ करते हुए, केंद्र सरकार और भाजपा के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने का विकल्प नहीं चुना है। इसके बजाय, वे हत्याओं और विनाश की अमानवीय नीति अपना रहे हैं।”
प्रेस नोट में वामपंथी दल ने आगे लिखा, “केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा समय-सीमा दोहराते हुए दिए गए बयान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा यह बयान कि बातचीत की कोई ज़रूरत नहीं है, एक फासीवादी मानसिकता को दर्शाता है जो मानव जीवन लेने का जश्न मनाता है और लोकतंत्र के खिलाफ है।” उन्होंने सरकार से माओवादियों की बातचीत के अनुरोध को तुरंत स्वीकार करने और सभी अर्धसैनिक ऑपरेशन रोकने का भी आग्रह किया है।
आगे की राह:
इस बड़ी सफलता के बाद भी नक्सलवाद के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार के 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के दृढ़ संकल्प और वामपंथी दलों की आलोचना के बीच यह जटिल मुद्दा आगे किस दिशा में बढ़ता है। हमारी टीम इस घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए रखेगी और आपको सभी नवीनतम अपडेट्स प्रदान करती रहेगी। यह ऑपरेशन न केवल सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी जीत है, बल्कि यह क्षेत्र में शांति और विकास की उम्मीद भी जगाता है।