CG News: खैरागढ़ नगर पालिका में फर्जी विवाह प्रमाणपत्र घोटाला, निलंबन के दौरान जारी हुए हजारों सर्टिफिकेट
CG News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की खैरागढ़ नगर पालिका में विवाह प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, महज साढ़े तीन महीने के भीतर 2744 विवाह प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए, जबकि स्थानीय स्तर पर इतनी शादियों का होना संभव ही नहीं है, यह आंकड़ा अपने आप में बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है.
निलंबन के दौरान जारी हुए प्रमाणपत्र
चौंकाने वाली बात यह है कि, जिस अवधि में ये प्रमाणपत्र जारी किए गए, उस दौरान नगर पालिका के तत्कालीन सीएमओ कोमल ठाकुर निलंबित थे, 14 नवंबर 2025 को निलंबन के बाद भी उनकी आईडी से लगातार प्रमाणपत्र जारी होते रहे, जिससे सिस्टम की सुरक्षा और जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं.

हकीकत और कागजों में बड़ा अंतर
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस अवधि में मुश्किल से 50-60 शादियां ही हुई होंगी, ऐसे में हजारों प्रमाणपत्र जारी होना साफ तौर पर फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है, अगर इतनी शादियां वास्तव में होतीं, तो शहर में लगातार भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति अलग ही नजर आती.
दूसरे जिलों के लोगों को भी जारी हुए सर्टिफिकेट
मामला केवल खैरागढ़ तक सीमित नहीं रहा, जांजगीर-चांपा, धमतरी और बीजापुर जैसे अन्य जिलों के लोगों को भी यहां से विवाह प्रमाणपत्र जारी किए गए, जबकि नियमों के अनुसार ऐसा करना संभव नहीं है.
ऑनलाइन सिस्टम का दुरुपयोग
विवाह प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है, जिसमें आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और सीएमओ की मंजूरी शामिल होती है, लेकिन इस मामले में निलंबित कर्मचारियों की आईडी और डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर प्रमाणपत्र जारी किए गए, सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल में मोटी रकम की वसूली भी की गई है.
प्रक्रिया पर लगी रोक
मामला सामने आने के बाद नए सीएमओ ने विवाह प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और जांच शुरू कर दी गई है, अब देखना होगा कि, इस कथित घोटाले में शामिल जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा.