CG News : अंबेडकर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, मरीजों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं
CG News : रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में फैली गंभीर अव्यवस्थाओं और मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर मीडिया रिपोर्ट सामने आई थी, जिस पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की बेंच ने अस्पताल की लापरवाही पर नाराजगी जताई थी, जिसमें बताया गया कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में गंभीर चोटों, फ्रैक्चर, कैंसर और अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सर्जरी के लिए 15 से 20 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।
सर्जरी की देरी से मरीजों की जान को खतरा
कई बार मरीजों को ऑपरेशन थियेटर में ले जाने के बाद वापस भेज दिया जाता है, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ जाता है। परिजन भी डॉक्टरों और स्टाफ से शिकायत करते हैं कि उन्हें बिना सूचना ऑपरेशन से वापस भेज दिया जाता है और जब वे इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें निजी अस्पताल में इलाज कराने को कहा जाता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के पास अस्पताल में ही रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी
अंबेडकर अस्पताल में कुल 29 ऑपरेशन थियेटर हैं, लेकिन उनमें केवल 1-2 डॉक्टर ही सर्जरी करते हैं, जिससे मरीजों का इंतजार लंबा हो जाता है। कई बार मरीजों और अस्पताल प्रबंधन के बीच नोकझोंक और मारपीट तक की घटनाएं भी सामने आती हैं। हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा था, लेकिन समय पर हलफनामा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे चीफ जस्टिस की बेंच ने स्वीकार कर 10 जून को मामले की अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है।