CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, हाईकोर्ट समेत 20 जिला न्यायालयों में कोर्ट मैनेजरों की पदस्थापना
CG News: बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के अलग-अलग न्यायालयों में कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति और पदस्थापना का आदेश जारी किया है. भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने 25 अगस्त 2026 को नियुक्ति आदेश जारी किया. इसके तहत हाईकोर्ट समेत प्रदेश के 20 जिला न्यायालयों में चयनित अभ्यर्थियों को कोर्ट मैनेजर के पद पर जिम्मेदारी दी गई है.
इन जिलों में हुई पदस्थापना
आदेश के मुताबिक अंकित कुमार झा को हाईकोर्ट, उदयन दुबे को दुर्ग, संयोगिता सिंह को कमर्शियल कोर्ट रायपुर, रमाकांत पटेल को अंबिकापुर और विरज कुमार देवांगन कोरबा में पदस्थ किए गए हैं. इसके अलावा राहुल वर्मा को कोरिया, अभिजीत रथ को महासमुंद, प्रवीण कुमार को रामानुजगंज, आशुतोष कुमार को बेमेतरा, निधि नागवंशी को बिलासपुर और ऋचा पाठक को धमतरी की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं विजय कुमार साहू को कवर्धा, मनोज कुमार सिंह को रायपुर, प्रतिभा लकड़ा को कांकेर, बाम्पी दुबे को राजनांदगांव, कोमल भोई को जगदलपुर, शैलेन्द्र सिंह भास्कर को दंतेवाड़ा, कमलेश कुमार गोरकर को कोंडागांव, देवेंद्र भगत को सूरजपुर और गोपाल सिंह नेताम को जशपुर जिला न्यायालय में पदस्थ किया गया है.
19 भृत्य पदों पर भी नियुक्ति
हाईकोर्ट ने आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है. इसके तहत 19 अभ्यर्थियों को भृत्य के पद पर नियुक्ति देने का आदेश जारी किया गया है. चयनित कर्मचारियों को निर्धारित समय के भीतर संबंधित कार्यालय में पहुंचकर कार्यभार संभालना होगा. नियुक्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है.
3 साल की परिवीक्षा, 3 सितंबर तक ज्वाइनिंग
नियुक्त कोर्ट मैनेजरों की सेवा तीन साल की परिवीक्षा अवधि के अधीन रहेगी. जरूरत पड़ने पर इस अवधि को एक साल तक बढ़ाया जा सकता है. चयनित अभ्यर्थियों को 3 सितंबर 2026 तक अपने निर्धारित पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से ज्वाइन करना होगा. कार्यभार ग्रहण करते समय स्वस्थता प्रमाण पत्र, शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल प्रतियां और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे. पुलिस सत्यापन में प्रतिकूल रिपोर्ट आने पर नियुक्ति निरस्त की जा सकती है.
जाति प्रमाण पत्र से लेकर दूसरी नौकरी तक कई शर्तें
हाईकोर्ट ने नियुक्तियों को फिलहाल अनंतिम रखा है और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के जाति या जनजाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाएगा. गलत प्रमाण पत्र पाए जाने पर नियुक्ति समाप्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. सेवा के दौरान बिना अनुमति दूसरी जगह सीधे आवेदन करने, पढ़ाई करने या परीक्षा में शामिल होने पर भी रोक रहेगी. इसके अलावा नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में लंबित मामलों के अंतिम आदेशों के अधीन रहेंगी, जबकि कर्मचारियों की सेवा शर्तें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सेवा नियम, 2017 के अनुसार लागू होंगी.
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