CG News: कथित शराब घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी, कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार
CG News: छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय, ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम, पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद ईडी उन्हें अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की मांग कर सकती है.

2883 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप
ईडी के मुताबिक, कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी. जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों से जुड़े कथित सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था. ईडी के अनुसार, इस कथित व्यवस्था के चलते राज्य सरकार को करीब 2883 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ.
अवैध पैसों को ठिकाने लगाने की जांच
ईडी अब रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका को लेकर आगे पूछताछ करेगी. एजेंसी के अनुसार, उनकी भूमिका कथित शराब घोटाले के साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित अवैध पैसों को ठिकाने लगाने के मामले में भी जांच के दायरे में है. इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, ईओडब्ल्यू भी उनसे पूछताछ कर चुका है. जुलाई 2026 में अग्रवाल ने ईओडब्ल्यू के सामने आत्मसमर्पण किया था.
करीब तीन साल तक जांच से दूर रहे
रामगोपाल अग्रवाल लंबे समय से जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दायरे में बताए जा रहे थे. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब तीन साल तक जांच से दूर रहने के बाद उन्होंने 8 जुलाई 2026 को ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था. मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए हिरासत की मांग की थी.
छह आरोपपत्र, 18 लोग आरोपी
ईडी के अनुसार, कथित शराब घोटाले की जांच में अब तक छह आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया समेत कई नाम शामिल हैं. मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई अभी जारी है.