CG News: छत्तीसगढ़ पहुंचते ही संजय सिंह का BJP पर हमला, बोले अडानी और मोदी के इशारे पर चल रही सरकार
CG News: छत्तीसगढ़ पहुंचने के बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के लोगों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है और PESA कानून को कमजोर किया जा रहा है. गरियाबंद में आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में पहुंचे संजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है.
पेपर लीक को लेकर सरकार पर सवाल
पेपर लीक के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि देशभर में छात्र इस समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक बड़ी संख्या में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तराखंड का जिक्र करते हुए भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के आरोप लगाए, साथ ही UPSC परीक्षा में सवालों को लेकर उठे विवाद का भी उल्लेख किया.
महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर निशाना
महिला आरक्षण कानून को लेकर संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं को आरक्षण देने के समर्थन में है, लेकिन इसका लाभ जल्द मिलना चाहिए. उन्होंने सीटों के संभावित परिसीमन और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर सवाल उठाए, संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव में नुकसान का डर है, इसलिए सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, उन्होंने अलग अलग राज्यों में सीटों के संभावित बदलाव पर भी सवाल खड़े किए.
UCC को लेकर दो समितियों की मांग
समान नागरिक संहिता यानी UCC के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि समाज के अलग अलग वर्गों के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए, उन्होंने दो समितियां बनाने का सुझाव दिया. उनके मुताबिक एक समिति SC, ST और OBC वर्ग से जुड़े भेदभाव की निगरानी करे, जबकि दूसरी समिति समाज के अन्य वर्गों से जुड़े भेदभाव के मामलों को देखे, उन्होंने भाजपा की नीतियों पर भी सवाल उठाए.
आदिवासी मुद्दों को लेकर बढ़ी राजनीतिक गर्मी
गरियाबंद में आदिवासी दिवस के कार्यक्रम के दौरान दिए गए संजय सिंह के बयानों से छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल बढ़ गई है, उन्होंने PESA कानून, आदिवासी अधिकार, पेपर लीक, महिला आरक्षण और UCC जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा. संजय सिंह के आरोपों पर अब भाजपा और राज्य सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.