उमर खालिद मामले पर पूर्व CJI डी वाई चंद्रचूड़ की बड़ी टिप्पणी, जल्द सुनवाई को बताया मौलिक अधिकार
देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने छात्र नेता उमर खालिद के मामले को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि उमर खालिद पिछले लगभग पांच वर्षों से न्यायिक हिरासत में हैं और किसी भी नागरिक को समयबद्ध सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
“दोष सिद्ध होने से पहले जमानत नागरिक का अधिकार”
पूर्व CJI ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोष सिद्ध होने से पहले जमानत देना एक मौलिक अधिकार है, जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जमानत देते समय अदालतें आवश्यक शर्तें लगा सकती हैं, ताकि शर्तों के दुरुपयोग की कोई संभावना न रहे।
न्यायपालिका की आलोचना नहीं, प्रक्रिया पर चिंता
डी वाई चंद्रचूड़ ने यह भी साफ किया कि उनका बयान किसी न्यायालय या न्यायिक व्यवस्था की आलोचना नहीं है। बल्कि यह टिप्पणी लंबित मामलों और जमानत से जुड़े संवैधानिक अधिकारों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित किए जाने के समान हो सकती है।
बयान के बाद न्यायिक व्यवस्था पर बहस तेज
पूर्व मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी के बाद एक बार फिर
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जमानत के अधिकार
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लंबी न्यायिक हिरासत
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और मामलों की धीमी सुनवाई
जैसे मुद्दों पर कानूनी और सामाजिक विमर्श तेज हो गया है।